तुम काफी हो खुद के लिए.
तुम काफी हो खुद के लिए. साथ निभाना है तो खुद का निभाना। उसका साथ देना ही क्यों ? जो तुम्हारे साथ के काबिल ही ना हो। कोई जरूरत नहीं है किसी को भी तुम्हारी। तो कोई क्यों तुम्हारी जरूरत बने ? तुम खुद के लिए काफी हो। आज वादा करो खुद से , कि। की चाहे कुछ भी हो जाए | हमेशा साथ निभाओगे। दूसरों का ही नहीं , खुद का भी। जो लोक कहते हैं की | तुम्हारा तो साया भी साथ छोड़ देता है। ...